रूहे-रिश्ता: दिल से दिल तक का सफ़र 💖✨
तेरी आँखों में देखा है, मैंने अपना जहाँ सारा, तुझसे ही शुरू, तुझपे ही खत्म, हर एक किनारा। लबों पे मुस्कान, दिल में सुकून, तू ही मेरा प्यारा, तेरा साथ ही है, मेरी हर साँस का सहारा।
हर बात ज़ुबाँ से कहना ज़रूरी नहीं, कुछ रिश्ते ख़ामोशियों में भी पलते हैं। तेरा हाथ थामे जो चलूँ मैं कभी, लगता है वक़्त के दायरे भी पिघलते हैं। यही अपनापन, यही तो है मेरा सच्चा जहाँ।
जब से तुम मेरी ज़िन्दगी में आए हो, हर लम्हा एक हसीन ख्वाब बन गया है। मेरी हर कमज़ोरी को तुमने अपनी ताकत बनाया है, तुम्हारा साथ पाकर, दिल को मेरा हर मुकाम मिल गया है। तुम ही मेरी पहचान, मेरा अभिमान हो।
ये प्यारा सा बंधन, ये गहरा एहसास, रूह से जुड़ा है अपना अटूट विश्वास। हर सुख-दुख में, तुम मेरे इतने पास, जन्मों-जन्मों तक रहे, बस यही एक आस। तुमसे ही मुकम्मल है, मेरी हर साँस।
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