जब से तुम हो, ये ज़िंदगी संवर गई है, हर शाम अब एक नई बहार लाई है। तेरी बाहों में मिलता है सुकून ऐसा, जैसे रूह को उसकी मंज़िल मिल गई है।
तेरी ख़ामोशी भी मैं पढ़ लेता हूँ, जानम, आँखों में छिपे हर राज़ को समझ लेता हूँ। ये कैसा अटूट रिश्ता है अपना, मेरे हमदम, बिन कहे ही सब कुछ जान लेता हूँ। 💑
हर मुश्किल में तेरा हाथ थामा है, हर खुशी को तेरे संग जिया है। ये ज़िंदगी का सफर और भी हसीन है, जब से तूने मेरा हमसफ़र बनकर साथ दिया है। ✨
तेरी परवाह में मैंने खुद को पाया है, तेरी हर साँस में मेरा घर बसाया है। ये दिल सिर्फ तेरा ठिकाना है, मेरी जान, जहाँ मैंने अपनी सारी दुनिया सजाया है। 🏡💖
