हमसफ़र: दिल के रिश्ते, रूह के वादे ✨
तुम्हारे साथ चलती हूँ तो राहें आसान लगती हैं, ✨ हर मुश्किल घड़ी में तुम ही मेरी पहचान लगती हो। ये दुनिया क्या कहे, जब तुम थामे हो हाथ मेरा, बस इसी भरोसे पर ज़िंदगी गुलिस्तान लगती है। 💖
कभी लफ्ज़ों की ज़रूरत ही नहीं पड़ती दरमियाँ, 🤫 आँखों ही आँखों में कह जाती हो दास्तान-ए-इश्क़। जो दिल में छुपा है मेरे, वो तुम यूँ पढ़ लेती हो, खामोश मोहब्बत का ये कैसा है खूबसूरत रिश्ता। 💫
जब भी तुम्हारा हाथ मेरे माथे पे होता है, 🤲 सारी दुनिया की फ़िक्र एक पल में गुम हो जाती है। तुम्हारा साथ पाकर मैं खुद को मुकम्मल पाती हूँ, तुम ही हो मेरा सुकून, तुम ही मेरी ज़िंदगानी हो। ❤️
तुम्हें देखा तो लगा, बस तुम ही हो मेरे हमसफ़र, ♾️ हर ख्वाब में, हर दुआ में, अब तुम्हारा ही ज़िक्र है। ये जन्म-जन्म का रिश्ता है या रब की नवाज़िश है, तेरे संग ही मेरी हर सुबह, तेरे संग ही मेरी हर शाम है। 🌅
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