साथ तेरा, साथ मेरा: अनमोल इश्क़ की दास्तान 💫



तेरी साँसों में सिमट जाना, मेरा मुकद्दर है, तेरी हर धड़कन में, मेरी मोहब्बत का घर है। तेरा साथ है तो हर राह आसान लगे, तू ना हो तो ये ज़िंदगी भी बेअसर है। ❤️



यूँ तो बातें हज़ार हैं, पर खामोशी भी समझती है तू, मेरी हर उलझन को, पल भर में सुलझाती है तू। तेरा हाथ जो थाम लिया, तो डर कैसा दुनिया का, मेरे हर कदम पर, मेरा हौसला बढ़ाती है तू। 🤝✨



कहीं और नहीं, सुकून तेरी बाँहों में मिलता है, तेरी पनाह में आके, हर दर्द पिघलता है। नज़रें मिलती हैं जब, तो वक़्त ठहर सा जाता है, मेरा घर, मेरा जहान, तुझसे ही संवरता है। 🏡💖



बिन कहे तू सब सुन लेती है, बिन माँगे सब देती है, शायद इसीलिए मेरी रूह, तुझमें ही रहती है। ये कैसा रिश्ता है अपना, जो शब्दों का मोहताज नहीं, बस इक नज़र भर देख लूँ, और हर बात कह जाती है। 👀💫

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